उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के भारी आक्रोश![]()
और बिलिंग संबंधी शिकायतों के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार ने 19 अप्रैल, 2026 को कई महत्वपूर्ण राहतकारी निर्णय लिए हैं।
सरकार द्वारा दी गई मुख्य राहतें इस प्रकार हैं:
नए मीटर लगाने पर रोक: जब तक एक उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति (जिसमें IIT कानपुर के विशेषज्ञ शामिल हैं) अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
जीरो बैलेंस पर भी बिजली: अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर का बैलेंस खत्म होने पर बिजली तुरंत नहीं कटेगी। 2 किलोवाट भार तक के उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने के बाद भी 3 दिन या ₹200 तक की बिजली मिलती रहेगी।
अवकाश के दिनों में सुरक्षा: रविवार और सार्वजनिक अवकाश (गज़ेटेड हॉलीडे) के दिन अब किसी भी स्थिति में कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
नए कनेक्शनों के लिए ग्रेस पीरियड: जिन घरों में हाल ही में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनके लिए 45 दिनों का ट्रांज़िशन पीरियड (15 दिन कन्वर्जन + 30 दिन अतिरिक्त) तय किया गया है, जिसके दौरान कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
5-स्तरीय अलर्ट सिस्टम: उपभोक्ताओं को बैलेंस के प्रति सचेत करने के लिए SMS अलर्ट की व्यवस्था की गई है:
बैलेंस 30% होने पर।
बैलेंस 10% होने पर।
बैलेंस पूरी तरह खत्म होने पर।
बिजली कटने से 1 दिन पहले।
कटौती के बाद सूचना।
अतिरिक्त पैसों की वापसी: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने आदेश दिया है कि 1 अप्रैल, 2025 के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि (लगभग 127 करोड़ रुपये) उपभोक्ताओं को वापस की जाएगी।

