बिहार में सुनसान पहाड़ों पर बनाए जायेंगे हाई सिक्योरिटी जेल, नहीं होगा नेटवर्क, ऐसी रहेगी व्यवस्था।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रबंधन को लेकर कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं।

 

इनमें सबसे प्रमुख ‘हाई सिक्योरिटी माउंटेन जेल’ और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड’ का विस्तार है।

 

सम्राट चौधरी के ऐलान के मुख्य बिंदु और जेल की नई व्यवस्था नीचे दी गई है:

 

 हाई सिक्योरिटी माउंटेन जेल: अपराधियों का नया ठिकाना

बिहार सरकार अब कुख्यात अपराधियों को आम जेलों से हटाकर ऐसे दुर्गम स्थानों पर रखेगी जहाँ से संपर्क साधना असंभव होगा।

 

लोकेशन: ये जेलें सुनसान पहाड़ों पर बनाई जाएंगी, जो शहरी बस्तियों से पूरी तरह कटी होंगी।

 

जीरो नेटवर्क जोन: इन जेलों में मोबाइल टावर नहीं होंगे और जैमर्स के जरिए इंटरनेट व मोबाइल सिग्नल को पूरी तरह ब्लॉक रखा जाएगा।

 

एकल प्रवेश मार्ग: सुरक्षा के लिहाज से जेल तक पहुँचने का केवल एक ही रास्ता होगा, जिसकी निगरानी अत्याधुनिक हथियारों से लैस गार्ड और चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से होगी।

 

उद्देश्य: जेल के अंदर से रंगदारी मांगने या आपराधिक नेटवर्क चलाने की घटनाओं पर 100% लगाम लगाना।

 

 ‘अभया ब्रिगेड’ (पुलिस दीदी): महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड’ को अब और अधिक संसाधन दिए जा रहे हैं:

 

गश्ती दल: हॉटस्पॉट (जैसे स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर) की निगरानी के लिए 1,500 स्कूटी और 3,200 बाइक की व्यवस्था की गई है।

 

जीविका दीदियों की रसोई: राज्य की सभी 40 पुलिस लाइनों में जीविका दीदियों द्वारा संचालित कैंटीन खोली जाएगी, जिससे पुलिसकर्मियों को घर जैसा खाना मिलेगा और दीदियों को रोजगार।

 

पुलिस स्कूल: पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए हर जिले की पुलिस लाइन में एक आधुनिक स्कूल खोला जाएगा।

 

 सम्राट चौधरी का संदेश: “निर्णय सीएम के, दायित्व मेरा”

गृह मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि बिहार में ‘कानून का राज’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली प्राथमिकता है:

 

एकजुटता: उन्होंने कहा कि भले ही वह गृह मंत्री हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा मुख्यमंत्री का ही होता है।

 

जीरो टॉलरेंस: अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। पुलिस को फ्री-हैंड दिया गया है कि वे किसी भी दोषी को न छोड़ें।

 

रोजगार: गृह विभाग में अगले वित्तीय वर्ष में 60,000 नई रिक्तियों (जिसमें 31,000 सिपाही पद शामिल हैं) पर बहाली की जाएगी।

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