
अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों पर रोक लगेगी। सभी स्कूलों—चाहे प्राइवेट ही क्यों न हों—में अब केवल NCERT और सरकारी किताबें ही अनिवार्य होंगी।
अगर कोई स्कूल जबरन महंगी किताबें थोपता है, तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इस फैसले से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और बच्चों को सस्ती व बेहतर शिक्षा का रास्ता मिलेगा।
शिक्षा के इस सराहनीय कदम के लिए आपका क्या कहना है?
समर्थन में एक लाइक जरूर करें और अपनी राय कमेंट में बताएं!

