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देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह ‘बाबू’ तथा एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज।

डीएम ने मामले को सज्ञान लेकर बाबू संजीव सिंह को निलंबित कर दिया है, लेकिन BSA शालिनी श्रीवास्तव पर अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई हैं।

 

देवरिया/ सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। सुसाइड नोट और वीडियो सामने आने के बाद मृतक की पत्नी की तहरीर पर गोरखपुर के गुलरिहा थाने में देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह ‘बाबू’ तथा एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट व वीडियो को साक्ष्य के रूप में संकलित कर उनकी सत्यता की जांच की जा रही है।

 

नियुक्ति निरस्तीकरण से शुरू हुआ विवाद,

एफआईआर के अनुसार, कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति वर्ष 2016 में सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। वर्ष 2023 में सेवाओं पर लगाए गए कुछ आरोपों के आधार पर उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई। उनके साथ दो अन्य सहायक अध्यापक—ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी—की नियुक्ति भी समाप्त कर दी गई थी।

 

तीनों ने इस कार्रवाई के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 17553/2021 दाखिल की थी। 4 अप्रैल 2022 को उच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में आदेश पारित किया। इसके अनुपालन में बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया द्वारा पुनर्विचार किया गया, किंतु 24 मार्च 2023 और 1 अप्रैल 2023 के आदेशों के माध्यम से पुनः आवेदन निरस्त कर दिया गया।

 

इसके बाद पुनः याचिका संख्या 7446/2023 दाखिल की गई, जिस पर 13 फरवरी 2025 को उच्च न्यायालय ने पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए विपक्षीगण को नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

 

रिश्वत मांगने का आरोप,

मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन हेतु आवेदन लंबित रहने के दौरान बीएसए कार्यालय में कार्यरत लिपिक संजीव सिंह ने तीनों शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि यह भी कहा गया कि यदि रकम नहीं दी गई तो न्यायालय के आदेश के बावजूद प्रतिकूल आदेश पारित कर दिया जाएगा।

 

तहरीर में उल्लेख है कि कथित रूप से बड़ी धनराशि दिए जाने के बावजूद अतिरिक्त रकम की मांग जारी रही। जब मृतक ने असमर्थता जताई और पूर्व में दी गई रकम वापस मांगी, तो 20 फरवरी 2026 को उन्हें कार्यालय बुलाकर कथित रूप से अपमानित किया गया तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

 

मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर उठाया कदम,

परिजनों के अनुसार, उसी दिन घर लौटकर कृष्ण मोहन सिंह ने पत्नी को पूरी घटना बताई और गहरे मानसिक तनाव में थे। 20/21 फरवरी 2026 की रात उन्होंने घर के निचले कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।

 

मामले में सामने आए सुसाइड नोट और वीडियो में कथित रूप से अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है। गुलरिहा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 108 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट, वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

शिक्षक की आत्महत्या और उच्चाधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठने लगी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सुसाइड नोट और वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

 

इधर डीएम दिव्या मित्तल ने सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच बैठा दीं हैं, एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी हैं।

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