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उत्तर त्रिपुरा के कदमतला में उपनयन संस्कार और नाथ समाज की सामाजिक प्रतिष्ठा पर हुई विस्तृत चर्चा।

 

कदमतला, त्रिपुरा

 

आज उत्तर त्रिपुरा जिले के कदमतला अंतर्गत सरसपुर गांव में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक बिजित नाथ के आवास पर हुई, जहां उपनयन संस्कार और उपनयन के विभिन्न चरणों के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिंदुज नाथ समाज की ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक सम्मान की पुनःस्थापना को लेकर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि बिंदुज नाथ रुद्रज श्रेणी के ब्राह्मण हैं और यह तथ्य अनेक शोधकर्ताओं एवं ग्रंथों में प्रमाणित है।

इस संबंध में असम बंग योगी सम्मिलनी के संस्थापक आचार्य डॉ. राधागोविंद नाथ द्वारा रचित पुस्तक ‘बंगीय योगी जाति’ का उल्लेख किया गया। पुस्तक में स्पष्ट रूप से लिखा है कि बिंदुज नाथ रुद्रज श्रेणी के ब्राह्मण हैं।

इसके साथ ही त्रिपुरा राज्य के प्रसिद्ध शैव नाथ ब्राह्मण्य संस्कृति के लेखक डॉ. एन.सी. नाथ द्वारा लिखित पुस्तक ‘शिला लिपि, मोगल लिपि और ताम्र लिपि के आलोक में नाथ सम्प्रदाय का इतिहास’ का भी हवाला दिया गया। इस पुस्तक में कई बार इस बात का उल्लेख मिलता है कि बिंदुज नाथ रुद्रज श्रेणी के ब्राह्मण हैं।

वक्ताओं ने कहा कि पूर्वजों के आदर्शों की रक्षा करना आज हम सभी का दायित्व और कर्तव्य है। समाज को अपनी जड़ों से जोड़कर ही हृत गौरव को पुनः प्राप्त किया जा सकता है।

एक बयान में राघव चंद्र नाथ ने कहा कि, इस चर्चा में धार्मिक गुरु सुदीप नाथजी के साथ पुरोहित सुजन नाथ, शिवम नाथ, गौरव नाथ और किशोर नाथ भी उपस्थित थे। सभी ने उपनयन संस्कार को विधि-विधान से संपन्न कराने और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे समाज में जागरूकता फैलाकर नाथ समाज की सही पहचान को आगे बढ़ाएंगे।

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