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MGSU में मनाया बसंती पंचमी उत्सव व पराक्रम दिवस युवाओं को लेनी चाहिए बोस के जीवन से संकट प्रबंधन की प्रेरणा।

एमजीएसयू में मनाया बसंती पंचमी उत्सव व पराक्रम दिवस युवाओं को लेनी चाहिए बोस के जीवन से संकट प्रबंधन की प्रेरणा।

विजय कपूर की रिपोर्ट

बीकानेर : महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग द्वारा आयोजित बसंतोत्सव और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें मुख्य अतिथि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने मंच से कहा कि ज़रूरत है आज के युवा बोस के जीवन से संकट प्रबंधन के गुर सीखें कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने आज़ाद भारत का ना सिर्फ सपना देखा बल्कि स्वतंत्रता प्राप्त के लिए अपनी एक फौज तक खड़ी कर ली। इससे पहले स्वागत उद्बोधन में डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. मेघना शर्मा ने आयोजन का विषय प्रवर्तन करते हुए बसंती रंग को प्रकाश, पवित्रता, ऊर्जा और विवेक का प्रतीक बताया व कहा कि आधुनिक भारत में आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न बोस ने देखा था जिसकी बात आज सरकारें करती हैं। अध्यक्षीय वक्तव्य में कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री एटली के उस वक्तव्य पर चर्चा की जिसमें उन्होंने भारत को स्वतंत्रता आज़ाद हिन्द फौज के कारण देने की बात स्वीकारी। उन्होंने सुभाष के गांधी को लिखे पत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि सुभाष के लिए आज़ादी का अर्थ त्याग और बलिदान थे, किन्तु वे आंतरिक विरोधों और षडयंत्रों का शिकार बने। सवाल खड़ा होता है कि क्या इतिहास ने नेताजी के साथ न्याय किया? कुलगुरु ने निकट भविष्य में नेताजी के नाम पर परिसर में उद्यान स्थापित करने की भी घोषणा की। आयोजन में पंडित राजेंद्र जोशी व टीम द्वारा संगीतमयी प्रस्तुति के दौरान तबले व सितार पर आज़ाद हिन्द द्वारा गया प्रथम राष्ट्रगान भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन व अतिथियों का धन्यवाद सह अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. प्रभुदान चारण द्वारा किया गया।

मंचस्थ में वित्त नियंत्रक देवेंद्र सिंह राठौड़ उपस्थित थे। आयोजन में प्रो. राजाराम चोयल, डॉ. ज्योति लखानी, डॉ. अनिल कुमार दुलार, डॉ. गौतम मेघवंशी, डॉ. धर्मेश हरवानी, डॉ. लीला कौर, डॉ. अभिषेक वशिष्ठ, कमलकांत शर्मा के अलावा अतिथि शिक्षक व विद्यार्थी शामिल हुए।

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