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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सावंत सरकार ने शुरू किया महिला उद्यमिता मंच।

 

मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने किया उद्घाटन, कहा- स्वयंपूर्ण गोवा से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी मजबूती

 

गोवा की प्रमोद सावंत सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सावंत सरकार ने एक और पहल की है। राज्य में ग्रामीण विकास विभाग (गोवा सरकार) और नीति आयोग के सहयोग से ‘महिला उद्यमिता मंच’ (डब्ल्यूईपी) के राज्य चैप्टर का भव्य शुभारंभ किया गया। लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत उपस्थित रहे।

 

*एक साल का एक्शन प्लान तैयार*

गोवा डब्ल्यूईपी चैप्टर के तहत महिलाओं के लिए एक साल का विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना और उनके लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाना है। इसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पहल किए जाएंगे। जिनमें एक जिला एक उत्पाद के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना भी शामिल है। इसके अलावा एटीआर हस्तशिल्प कार्यक्रम के जरिए महिला कारीगरों को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। जानकारी के अनुसार ब्रिक्स (बीआरआईसीएस) स्टार्टअप कॉन्टेस्ट 2026 के जरिए उभरती हुई महिला स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा। साथ ही क्षमता निर्माण और डिजिटल सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जहां गोवा की हर महिला आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से भरपूर हो। महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता ही ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगी। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे संकोच छोड़ें और प्रशिक्षण व मेंटरशिप का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने ‘वन तालुका वन प्रोडक्ट’ (ओटीओपी) की संभावनाओं पर भी जोर दिया ताकि ग्रामीण स्तर पर पहचान और रोजगार को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि सरकार वर्तमान में राज्य की लगभग 1.5 लाख महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है।

इस अवसर पर नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक और डब्ल्यूईपी की मिशन डायरेक्टर अन्ना रॉय ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास सचिव अर्जुन मोहन, ग्रामीण विकास के निदेशक प्रेमराज शिरोडकर, दक्षिण गोवा डीआरडीए की परियोजना निदेशक दीपाली नाइक सहित बड़ी संख्या में महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्य और स्टार्टअप संस्थापक उपस्थित रहे। संवाददाता राहुल सरपाते की रिपोर्ट

 

गोवा पणजी

 

संवाददाता

 

राहुल सरपाते की रिपोर्ट

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