
भोपाल
29 अक्टूबर को सुहागिन महिलाएं रखेंगी व्रत, मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना
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करवा चौथ का पावन पर्व गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत रखेंगी। सुबह सरगी ग्रहण करने से शुरू होने वाली व्रत की परंपरा रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद पूरी होगी। लेकिन इस बार करवा चौथ के उत्साह के बीच मौसम का बदलता मिजाज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं की निगाहें आसमान पर रहेंगी कि चांद समय पर दिखाई देगा या बादल चंद्र दर्शन में बाधा बनेंगे।
**मध्य प्रदेश में बदल सकता है मौसम का मिजाज*
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से जुड़ी मौसमी प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में 29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौसम की स्थिति जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
करवा चौथ की शाम मौसम की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि व्रत का समापन चंद्र दर्शन के बाद किया जाता है। यदि आसमान में घने बादल छाए रहते हैं, तो चांद देखने के लिए महिलाओं को इंतजार करना पड़ सकता है।
**भोपाल में रात 8:26 बजे चांद निकलने का अनुमान**
भोपाल में करवा चौथ के दिन चंद्र दर्शन का अनुमानित समय रात 8 बजकर 26 मिनट बताया गया है। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजे तक रहने का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, चंद्रोदय का समय अनुमानित है। वास्तविक समय में स्थानीय परिस्थितियों के कारण अंतर हो सकता है। इसके अलावा, चांद निकलने के समय आसमान में बादल होने पर उसके दर्शन में देरी हो सकती है।
महत्वपूर्ण बात: चंद्र दर्शन के अनुमानित समय को चांद के स्पष्ट दिखाई देने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। महिलाओं को अपने शहर के अनुसार स्थानीय पंचांग और मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए।
**बाजारों में बढ़ेगी रौनक, महिलाएं कर रहीं तैयारियां**
करवा चौथ भारतीय संस्कृति और वैवाहिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी लगवाती हैं और पूजा की थाली सजाती हैं।
बाजारों में साड़ियों, आभूषणों, चूड़ियों, मेहंदी और पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक देखने को मिलती है। कई परिवारों में महिलाएं एक साथ पूजा करती हैं और करवा चौथ की कथा सुनती हैं।
इस पर्व का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक भी माना जाता है।
**व्रत रखने वाली महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान**
1. पूजा सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था पहले से कर लें।
2. शाम को बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम का पूर्वानुमान देख लें।
3. बारिश की संभावना होने पर सुरक्षित स्थान पर पूजा की व्यवस्था रखें।
4. चंद्र दर्शन के समय बादल होने पर घबराएं नहीं; स्थानीय धार्मिक परंपरा और परिवार के जानकारों से मार्गदर्शन लें।
5. व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान रखें और अस्वस्थता महसूस होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
29 अक्टूबर का करवा चौथ इस बार धार्मिक आस्था, प्रेम और परंपरा के साथ मौसम की अनिश्चितता के बीच मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना के चलते चंद्र दर्शन को लेकर उत्सुकता बनी रह सकती है। हालांकि, अभी यह कहना उचित नहीं होगा कि पूरे प्रदेश में चांद दिखाई नहीं देगा।
भोपाल के मौसम पूर्वानुमान में 29 अक्टूबर को दिन में बारिश की बौछारों और शाम को बादल छाए रहने की संभावना बताई गई है। भोपाल में चंद्र दर्शन का अनुमानित समय रात 8:26 बजे बताया गया है।
रविन्द्र तिवारी
भारतवर्ष समाचार
Digital
भोपाल













