मुरादाबाद में एमडीए का बड़ा एक्शन: 16 अस्पताल, लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर सील, मानकों की अनदेखी पर चला सख्त अभियान

रिपोर्टर जसवीर सिंह गौतम मुरादाबाद

 

मुरादाबाद, 24 जून। लखनऊ में हाल ही में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद जनसुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा मानकों को लेकर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने बुधवार को बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह, आईएएस के निर्देश पर जिले भर में विशेष प्रवर्तन, सघन निरीक्षण और सीलिंग अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध निर्माण, बिना स्वीकृति संचालित संस्थानों और मानचित्र के विपरीत चल रहे प्रतिष्ठानों पर कड़ी कार्रवाई की गई।

एमडीए की प्रवर्तन टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कई अस्पताल, लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बिना आवश्यक स्वीकृतियों, अभिलेखों और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-27 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 16 परिसरों को सील कर दिया गया।

कार्रवाई की शुरुआत स्वास्थ्य संस्थानों से हुई। दीपा ट्रॉमा सेंटर को स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अस्पताल संचालन के कारण सील किया गया। इसके अलावा नया मुरादाबाद सेक्टर-5 स्थित अल्फा हॉस्पिटल और क्योर हॉस्पिटल पर भी अवैध संचालन पाए जाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

एमडीए की कार्रवाई का सबसे बड़ा असर शहर में चल रही लाइब्रेरियों और कोचिंग संस्थानों पर दिखा। गुरहट्टी चौराहा स्थित प्रदीप गुप्ता द्वारा संचालित लाइब्रेरी, प्रकाश नगर चौराहा लाइनपार स्थित वंडर लाइब्रेरी, रमा लाइब्रेरी, सचिन लाइब्रेरी, प्रियांश प्रतियोगिता एकेडमी और नमो स्टडीज को सील कर दिया गया। इसके अलावा आशियाना स्थित एक कोचिंग सेंटर को भी मानचित्र के विपरीत संचालन और अभिलेख प्रस्तुत न करने पर बंद कराया गया।

इसी क्रम में गोकुलदास क्षेत्र में संचालित दो लाइब्रेरियों पर भी कार्रवाई हुई। वहीं कांठ रोड स्थित स्कॉलर डेन कोचिंग सेंटर और फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर, पेंटालून्स के सामने संचालित जेनेसिस कोचिंग सेंटर तथा मुगलपुरा क्षेत्र में चल रहे हॉवर्ड इंटरनेशनल कोचिंग सेंटर को भी सील किया गया। निरीक्षण के दौरान इन संस्थानों द्वारा आवश्यक स्वीकृतियां, दस्तावेज और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाना सामने आया।

एमडीए ने साफ कहा है कि बिना मानचित्र स्वीकृति, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण, या आवश्यक अनुमति के बिना संस्थान/व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि भवन निर्माण, संस्थान संचालन या अन्य विकास कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और अग्नि सुरक्षा व भवन सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।

एमडीए की यह कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माण रोकने की पहल नहीं, बल्कि शहर में जनसुरक्षा को लेकर प्रशासन के सख्त रुख का संकेत भी मानी जा रही है। खासकर हाल के अग्निकांडों के बाद यह संदेश देने की कोशिश है कि सुरक्षा मानकों से समझौता अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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