सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश: गुण्डरदेही में धूमधाम से मनाई गई बाबा गुरु घासीदास की 269वीं जयंती

जिला बालोद से ब्यूरो चीफ स्वपना माधवानी की रिपोर्ट

*नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने जैतखाम सौंदर्यीकरण की घोषणा की; समाज को दी 5 हजार की प्रोत्साहन राशि*

नगर के सतनाम भवन साप्ताहिक बाजार परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सत्य, शांति, अहिंसा, क्षमता एवं समानता के प्रतीक, संत शिरोमणि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राज-महंत और समाज के लोग श्वेत ध्वज के नीचे एकत्रित हुए और बाबा जी के बताए मार्ग ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संकल्प को दोहराया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने की, जबकि मुख्य रूप से संजय बारले (अध्यक्ष, जिला सतनामी समाज बालोद) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला पंचायत सदस्य कांति सोनेश्वरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना देवी देशलहरा, विनय कुमार बंजारे, पार्षद सेवक महिपाल, जनपद सदस्य देविका बंजारे, हेमलता देशलहरा और भाजपा मंडल अध्यक्ष युवराज मारकंडे ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई।

“भाजपा सरकार में सतनामी समाज का बढ़ा गौरव” — प्रमोद जैन

सभा को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने समाज की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा:”यह हमारे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि वर्तमान भाजपा सरकार में सतनामी समाज के 4 विधायक नेतृत्व कर रहे हैं, जिनमें से दो को कैबिनेट मंत्री का महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व मिला है। यह समाज के प्रति सरकार के विश्वास को दर्शाता है।”

अध्यक्ष ने इस अवसर पर समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। साथ ही, उन्होंने जैतखाम के सौंदर्यीकरण कार्य कराने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि वे अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमन लाल कोर्सेवाडा से मुलाकात कर समाज की अन्य मांगों पर चर्चा करेंगे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा गुरु घासीदास जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और शिक्षा पर जोर देने की बात कही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गोपाल बंजारे, दिलीप देशलहरा, सरोज बाला बंजारे, निशा मारकंडे, दमयंती मारकंडे, कन्हैया लाल मधुकर, पुरुषोत्तम मारकंडे, मन्नूलाल देशलहरा, खूब लाल देशलहरा, डीलेश्वर सोनेश्वरी, चेतन तिलेश्वरी बघेल, महेंद्र राज और भानु प्रकाश टंडन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कार्यक्रम का सफल और ओजस्वी संचालन ओजस्वी कोसरिया, छबिलाल बंजारे एवं प्रभुराम टंडन द्वारा किया गया। पंथी नृत्य और भक्ति गीतों के साथ जयंती समारोह का समापन हुआ, जिसमें श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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