
भारतवर्ष समाचार Digital चैनल के पत्रकार सतीश भालेराव पर जानलेवा हमला किए जाने की खबर सामने आई है। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि पत्रकार सतीश भालेराव पर उस समय हमला किया गया जब वे अपने पत्रकारिता कार्य से जुड़े मामले में बाहर निकले थे। हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पत्रकारों और स्थानीय लोगों की भीड़ अस्पताल पहुंच गई।
इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पत्रकारों का कहना है कि लगातार पत्रकारों पर हमले बढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए अब तक कोई कठोर और प्रभावी कानून लागू नहीं किया गया है।
नागपुर महाराष्ट्र पत्रकार संरक्षण कानून 2017 लागू होने के बावजूद कई मामलों में पुलिस द्वारा तत्काल अपराध दर्ज नहीं किए जाने पर नाराज़गी व्यक्त की जा रही है। पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, ऐसी मांग विभिन्न पत्रकार संगठनों द्वारा की गई है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि पत्रकारों पर हमला, धमकी, गाली-गलौज या उनके कार्य में बाधा उत्पन्न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मारपीट, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, अपमानजनक व्यवहार तथा आपराधिक साजिश से संबंधित विभिन्न धाराएं लागू हो सकती हैं।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता जताई है। “पत्रकार सुरक्षित तो लोकतंत्र सुरक्षित” ऐसी भावना व्यक्त करते हुए पत्रकारों पर बढ़ते अत्याचारों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार से विशेष सुरक्षा व्यवस्था एवं तंत्र स्थापित करने की मांग की जा रही है।
बीते 18 मई की शाम लगभग 5 से 7 बजे के बीच हिंगणा के वाघदरा ग्राम पंचायत में पत्रकार सतीश भालेराव अपने सहयोगियों के साथ समाचार कवरेज के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो और फोटोग्राफी की। आरोप है कि इसके बाद वाघदरा ग्राम पंचायत के कर्मचारी, सरपंच के साथ सेवक, शोभा माहुरे, ग्राम पंचायत के अन्य कर्मचारी तथा कुछ कथित गुंडा प्रवृत्ति के लोगों ने पत्रकार सतीश भालेराव पर जानलेवा हमला कर उनके साथ गंभीर मारपीट की।
यह घटना नागपुर में जनचर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के बाद पत्रकार सतीश भालेराव ने हिंगणा पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण अस्पताल हिंगणा में प्राथमिक मेडिकल जांच के बाद उन्हें मेडिकल नागपुर रेफर किया गया। वहां उनकी एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद हिंगणा पुलिस स्टेशन में उनका बयान दर्ज कर आगे कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग के आदेशानुसार पत्रकार सतीश भालेराव को नागपुर पुलिस के एमआईडीसी थाने द्वारा उचित जांच कर पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक उन्हें कोई पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके कारण उन पर बार-बार हमले हो रहे हैं।
पत्रकार सतीश भालेराव भारतवर्ष समाचार Digital से नागपुर में अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े मामलों का खुलासा करते रहते हैं। इसी वजह से गुंडों और भ्रष्टाचारी लोगों द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं तथा उनके जीवन को कभी भी खतरा हो सकता है। इतना सब होने के बावजूद एमआईडीसी पुलिस ने अब तक उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान नहीं की है।
पत्रकार संगठनों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू किया जाए, ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सुरक्षित रखा जा सके।
“अगर पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो सच जनता तक कैसे पहुंचेगा?”
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हमलावरों की तलाश जारी है।






