संपादकीय
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष
——————————————-
शब्दों के पास ताकत होती है समाज को बदलने की, और जब ये शब्द हिंदी में ढलते हैं, तो देश के कोने-कोने तक जन-जन की आवाज बन जाते हैं।”
——————————————-
हर साल 30 मई का दिन भारतीय इतिहास में एक बेहद गौरवशाली दिन के रूप में दर्ज है। आज ही के दिन साल 1826 में पंडित युगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता (अब कोलकाता) से भारत के पहले हिंदी साप्ताहिक पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ (उगता हुआ सूर्य) का प्रकाशन शुरू किया था। इसी ऐतिहासिक शुरुआत की याद में हर वर्ष 30 मई को ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
उदन्त मार्तण्ड’ से डिजिटल क्रांति तक का सफर
एक दौर था जब सीमित संसाधनों के बीच, अंग्रेजी हुकूमत के कड़े पहरों को तोड़ते हुए हिंदी पत्रकारिता ने देश में आजादी की अलख जगाई थी। तिलक, गांधी और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे मनीषियों ने पत्रकारिता को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाया।
समय बदला और आज पत्रकारिता के मायने भी बदल चुके हैं। प्रिंट और टीवी मीडिया से आगे बढ़कर आज हम डिजिटल पत्रकारिता (Digital Journalism) के स्वर्ण युग में जी रहे हैं। आज यूट्यूब, सोशल मीडिया और डिजिटल न्यूज चैनल्स के माध्यम से खबरें पलक झपकते ही सीधे जनता के मोबाइल स्क्रीन पर पहुंच रही हैं। डिजिटल क्रांति ने पत्रकारिता को और अधिक लोकतांत्रिक, तेज और सुलभ बना दिया है।
ग्राउंड जीरो की चुनौतियाँ और निडर रिपोर्टिंग
बदलते दौर में भी पत्रकारिता का मूल सिद्धांत नहीं बदला है—और वह है निष्पक्षता और सत्यता। आज भी एक सच्चे पत्रकार की पहचान ‘ग्राउंड जीरो’ पर उसकी मौजूदगी से होती है। चाहे चिलचिलाती धूप हो, कड़कड़ाती ठंड हो या फिर कोई आपातकालीन स्थिति, जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना और प्रशासन की जवाबदेही तय करना ही एक पत्रकार का मुख्य कर्तव्य है।
क्षेत्रीय और जिला स्तर पर काम करने वाले पत्रकार समाज की असली रीढ़ हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर भी सच्चाई को सामने लाते हैं।
आज के दौर का संकल्प
हिंदी पत्रकारिता दिवस सिर्फ इतिहास को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन का भी दिन है। आज के इस दौर में जब ‘फेक न्यूज’ और ‘सनसनीखेज खबरों’ की बाढ़ आई हुई है, तब निष्पक्ष और जिम्मेदार डिजिटल पत्रकारिता की अहमियत और अधिक बढ़ जाती है।
आइए, इस विशेष अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि पत्रकारिता के उच्च आदर्शों, शुचिता और विश्वसनीयता को सदैव बनाए रखेंगे। देश और समाज के हित में बिना डरे, बिना झुके जनता की आवाज बुलंद करते रहेंगे।
सभी कलमकारों, जमीनी संवाददाताओं और हिंदी मीडिया से जुड़े समस्त मित्रों को ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं!
संगीता चौबे
( प्रशासनिक सम्पादक)
वाराणसी






