रिपोर्ट जसवीर सिंह गौतम मुरादाबाद
मेरठ/मुरादाबाद।
बहुजन क्रांति युवा मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक अनुज जाटव को मुरादाबाद प्रशासन द्वारा उनके आवास पर देर रात 11 बजे नजरबंद किए जाने का मामला गरमा गया है। अनुज जाटव आज 10 जुलाई 2026 को मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में ललिता गौतम हत्याकांड में त्वरित न्याय और नवनीत जाटव सहित अन्य बहुजन युवाओं पर दर्ज किए गए ‘झूठे मुकदमों’ के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले थे।
न्याय की माँग पर ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसा माहौल
संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। अनुज जाटव की गिरफ्तारी/नजरबंदी ने बहुजन समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कार्यकर्ताओं का हुंकार: “न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष”
अनुज जाटव की नजरबंदी के बावजूद, संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन नहीं रुकेगा। संगठन ने सभी समर्थकों और न्यायप्रिय नागरिकों से आज सुबह 11 बजे भारी संख्या में मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचने का आह्वान किया है।
मुख्य माँगें:
ललिता गौतम हत्याकांड: दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सीबीआई जाँच या फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई।
दमनकारी नीति का विरोध: नवनीत जाटव और अन्य साथियों पर दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस हों।
लोकतांत्रिक अधिकार: शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान हो और नेताओं को नजरबंद करना बंद किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद आज मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में भारी सुरक्षा बल की तैनाती की संभावना है।






