आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल, चयन सूची सार्वजनिक न होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी।

 

 

कासगंज। जनपद कासगंज में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से चल रही आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक किए बिना नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने को लेकर अभ्यर्थियों और स्थानीय लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि अभी तक किसी भी विकास खंड, तहसील या जिला स्तर पर चयनित महिला अभ्यर्थियों की सूची चस्पा नहीं की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों विभिन्न विकास खंडों में उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में चयनित महिला अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। वहीं दूसरी ओर, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब भी चयन सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियमानुसार पहले चयन सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए थी, ताकि यदि किसी को आपत्ति हो तो वह निर्धारित समय में अपनी शिकायत दर्ज करा सके। इसके बाद ही नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए थी।

 

गौरतलब है कि इससे पहले भी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एक गोपनीय ब्रॉडशीट अनाधिकृत रूप से सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस मामले की शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सुशीला को पदभार से हटा दिया गया था और उनके स्थान पर राजीव कुमार को जिला कार्यक्रम अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।

 

इधर विकास खंड अमापुर से एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति पर चयनित अभ्यर्थी की ज्वाइनिंग कराने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

अब अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर चयन सूची सार्वजनिक करने तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

रिपोर्ट मुकेश यादव कासगंज

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